Some Secrets…

इक बात होंटो तक है जो आई नहीं
बस आँखों से है झाँकती
तुमसे कभी, मुझसे कभी
कुछ लफ्ज़ हैं वो मांगती

जिनको पेहन्के होंटो तक आ जाए वो
आवाज़ की बाहों में बाहें डालके इठलाए वो
लेकिन जो यह इक बात है
अहसास ही अहसास है

खुश्बू सी है जैसे हवा में तैरती
खुश्बू जो बे-आवाज़ है
जिसका पता तुमको भी है
जिसकी खबर मुझको भी है

दुनिया से भी चूपता नहीं
यह जाने कैसा राज़ है

– Javed Akhtar, Zindagi Milegi Na Dobara

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